भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगा जनसंघ

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आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुसीबत होने वाली है। भारतीय जनसंघ अब भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली है। जनसंघ ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में प्रत्याशी उतारने का फैसला कर लिया है। जनसंघ मध्यप्रदेश और राजस्थान में 50-50 और छत्तीसगढ़ में 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।

बनाए संयोजक

जनसंघ ने एडवोकेट दीपक तिवारी को मध्यप्रदेश का संयोजक बनाया गया है। जल्द ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ में संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। मध्यप्रदेश में जनसंघ सपाक्स के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। जनसंघ का मुख्य मुद्दा आरक्षण की जगह समानता का अधिकार है। सपाक्स भी इसी मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहा है।

भाजपा ने जननी को भुला दिया

मीडिया से मुखातिब होते हुए दीपक तिवारी ने कहा कि भाजपा ने अपनी जननी को ही भुला दिया है। भाजपा और कांग्रेस को जवाब देने जनसंघ प्रदेश में तीसरे दल के रूप में मैदान में उतरेगी। हम पूरे देश में जातिगत आरक्षण के विरोध में कार्य करेंगे और रीति-नीति का समर्थन करने वाली सपाक्स सहित अन्य संगठनों से तालमेल कर प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे।

मुखर्जी ने की थी स्थापना

भारतीय जनसंघ भारत का एक पुराना राजनीतिक दल है, जिससे 1980 में भाजपा बनी। जनसंघ का आरंभ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में किया था। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाए जाने के बाद जनसंघ सहित भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों का विलय कर एक नया दल जनता पार्टी गठित किया गया। आपातकाल से पहले बिहार विधानसभा के भारतीय जनसंघ के विधायक दल के नेता लालमुनि चौबे ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बिहार विधानसभा से अपना त्यागपत्र दे दिया। जनता पार्टी टूट गई और जनसंघ की विचारधारा के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का गठन किया।

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