बागियों को मनाने के लिए बड़े नेता लामबंद

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विधानसभा चुनाव में हार का डर अब भाजपा को सताने लगा है। विश्लेषणों और जमीनी स्तर पर खराब होती हालत को देखते हुए अब भाजपा के केंद्रीय संगठन ने बड़े नेताओं को मैदान में जुटने के निर्देश दिए हैं। इसके कारण जीत का गणित बिगाड़ने वाले बागियों को भी भाजपा रोकने की कोशिश करेगी।

कुछ सीटों पर अपनी कमजोर हालत को देखते हुए मध्यप्रदेश में भाजपा एक बार फिर बागियों को मनाने की कोशिश में जुट गई हैं। इस सिलसिले में शुक्रवार  देर रात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा पार्टी नेताओं के बीच गहन मंत्रणा हुई और अगले तीन दिन की रणनीति बनाई गई।

बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत सहित अन्य नेताओं के साथ सीएम ने चुनाव प्रचार के अंतिम तीन दिनों की रणनीति तय की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की अगले 3 दिनों की रणनीति बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान देर रात भाजपा कार्यालय पहुंचे। भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे और संगठन महामंत्री रामलाल सहित कई दिग्गज नेता वहां पहले से मौजूद थे।

कुसमरिया-पटेरिया को बैठाने की एक बार फिर कोशिश

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित दिग्गज नेताओं ने प्रदेश में एक बार फिर बागी नेताओं को मनाने की कोशिश की। दमोह और पथरिया से चुनाव लड़ रहे रामकृष्ण कुसमारिया को मनाने के लिए सारे दिग्गज नेताओं ने मिलकर रणनीति तय की और उनसे बातचीत भी की गई। इसी तरह जबलपुर से उत्तर विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी धीरज पटेरिया को भी भाजपा का समर्थन करने के लिए मनाने का प्रयास किया गया ।  पटेरिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।

शहडोल जिले की पुष्पराजगढ़ से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे सुदामासिंह को भी मनाने की कोशिश की गई है । ग्वालियर की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता को भी भाजपा का समर्थन करने का प्रस्ताव दिया गया है। नेताओं से कहा गया है कि सरकार बनने पर उन्हें उपकृत किया जाएगा।

गोंगपा से भी सहयोग लेने की तैयारी…

माना जा रहा है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन टूटने का भी फायदा लेने की चर्चा हुई है। भाजपा की तैयारी है कि गोंडवाना नेताओं की उन सीटों पर मदद ली जाए, जहां भाजपा प्रत्याशी थोड़ी कमजोरी स्थिति में हों।

पड़ोसी राज्यों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुलाया

भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में जिन राज्यों की सीमाएं लगती हैं, जैसे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तरप्रदेश जैसे इलाकों से पार्टी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाया है। इसका मकसद सीमावर्ती इलाकों में जातिगत समीकरणों को साधना है। सीमावर्ती इलाकों में दोनों राज्यों के बीच रिश्ते-नाते से लेकर तमाम सामाजिक व्यापारिक संबंध वाले लोगों को भाजपा के पक्ष में लगाया जा रहा है।

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