चार सीटों पर सबसे ज्यादा दावेदारी…

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं। जहां शिवराज अपना विजय किला बचाने के लिए चुनावी रणभूमि में उतरेंगे, वहीं कांग्रेस सिर्फ शिवराज के किले को धराशायी करने के लिए। चुनाव नज़दीक आते ही टिकट के दावेदारों ने अपने हाथ-पैर पटकना शुरू कर दिए हैं। टिकट के दावेदार भोपाल से दिल्ली जाकर अपने आकाओं की शरण में जा रहे हैं।

खास़ बात यह है कि चुनाव से पहले पार्टियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है, किसे टिकट दिया जाए। एक-एक सीट पर 25-30 दावेदार अपना दावा कर रहे हैं। ऐसे में पार्टियों के सामने बड़ा सवाल है कि आखिर किसे टिकट दें और चुनाव जीत जाएं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि जबलपुर ग्रामीण की चार विधानसभा सीटों से कांग्रेस के 68 नेताओं ने टिकट की दावेदारी की है। कांग्रेस पार्टी से इन टिकट के दावेदारों ने अपना बायोडाटा पार्टी संगठन को भेजा था, जिनसे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के सह प्रभारी हर्षवर्धन सकपाल ने जबलपुर आकर वन-टू-वन चर्चा की।

इस दौरान हर्षवर्धन सकपाल के साथ कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक अब्दुल हन्नान भी थे। उन्होंने जबलपुर के भेड़ाघाट में एक निजी होटल में टिकट के दावेदारों से लंबी चर्चा की। वहीं जबलपुर की ग्रामीण सीटों से दावेदारों की तादाद देखकर दोनों ही नेता हैरान हो गए।

जबलपुर की बरगी सीट से 31, पनागर सीट से 22, पाटन सीट से 8 और सीहोरा सीट से 7 कांग्रेस नेताओं ने टिकट की दावेदारी पेश की है। इस दौरान कुछ दावेदार विरोध करते हुए भी नज़र आए तो कुछ ने अपनी दावेदारी मजबूत बताते हुए फैसला पार्टी संगठन पर छोड़ा और मिलजुलकर चुनाव लड़ने की बात कही।

पर्यवेक्षक अब्दुल हन्नान ने दावेदारों की इतनी बड़ी तादाद को पार्टी के लिए अच्छा बताया और टिकटार्थियो को एकजुटता से चुनाव लड़ने का मंत्र दिया।

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