कांग्रेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है दुर्ग

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चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से अभी तक सिर्फ मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्री का ऐलान किया है। मध्यप्रदेश को कमलनाथ का नेतृत्व मिला है, लेकिन राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अभी भी मुख्यमंत्री को लेकर बहस छिड़ी हुई है। राजस्थान में अशोक गहलोत की ताजपोशी में सबसे बड़ी अड़चन सचिन पायलट बने हुए हैं। आलाकमान के हाथ में फैसला सौंपे जाने के बाद भी अब तक राजस्थान और छत्तीसगढ़ के भाग्य का फैसला नहीं हो सका। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने इस बार दमदार प्रदर्शन किया है और दुर्ग जिले की 6 विधानसभा सीटों में से 5 पर झंडे गाड़े हैं।

दुर्ग जिले में शानदार जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी के 3 प्रत्याशी मंत्री बनने के प्रबल दावेदार हैं। सिर्फ इतना ही नहीं दुर्ग ही एक ऐसा जिला है, जहां 3 मंत्रियों के अलावा एक प्रत्याशी छत्तीसगढ़ में बनने वाली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार है। छत्तीसगढ़ की जीत और मुख्यमंत्री पद के अहम फैसले में दुर्ग जिला काफी महत्वपूर्ण है। दुर्ग जिले से कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जिले से पीसीसी चीफ भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू जैसे दिग्गज नेता के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव ने मंत्री रहे प्रेम प्रकाश पाण्डेय को हराते हुए न सिर्फ विधायक बनने का मौका पाया बल्कि अब वे मंत्री बनने के भी प्रबल दावेदार बन गए हैं। इसी रेस में अरुण वोरा भी शामिल हो गए हैं, जो इस चुनाव में दूसरी बार विधायक बने हैं। इन तीनों के समर्थकों की भी अब अपनी-अपनी मांगें हैं। बघेल के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाना चाहते हैं और ताम्रध्वज साहू के समर्थक उन्हें। फिलहाल, मुख्यमंत्री की कुर्सी का फैसला अब आलाकमान के हाथ में है, ऐसे में वे किसे मुख्यमंत्री की कुर्सी देंगे यह देखना दिलचस्प होगा।

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