जब गली-गली घूमे किंग खान और पांच साल तक बने रहे हिन्दू

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बॉलीवुड के किंग खान और गौरी खान की लव स्टोरी भी रोमांच से भरी है| एक से बढ़कर एक लव स्टोरी बेस्ड फिल्म करने वाले शाहरुख़ खान की प्रेम भरी कहानी भी पूरी फ़िल्मी ही है| आज दोनों के प्यार भरे रिश्ते को 27 साल पूरे हो गए हैं| शाहरुख़ जैसे फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में काजोल से शादी करने के लिए बहुत पापड़ बेलते हैं, वैसे ही असल ज़िंदगी में भी उन्होंने गौरी को पाने के लिए बहुत पापड़ बेले| जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है कि सच्चे प्यार को पाना आसान नहीं होता, शाहरुख़ की ज़िन्दगी में भी कुछ ऐसा ही हुआ|

पहली नज़र में प्यार

आज शादी की 27वीं सालगिरह मना रहे शाहरुख़ और गौरी की मुलाक़ात एक पार्टी के दौरान हुई थी| वर्ष 1984 में 19 साल के शाहरुख़ पहली नजर में ही 14 साल की गौरी पर फ़िदा हो गए| गौरी उस समय किसी लड़के के साथ डांस कर रही थी और शाहरुख़ उनके दीवाने हो चुके थे| पहली ही मुलाक़ात में उन्होंने गौरी को डांस के लिए कहा, लेकिन गौरी ने कुछ खास इंट्रेस्ट नहीं दिखाया और कहा कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही है| इस बारे में एक इंटरव्यू में गौरी ने कहा कि उस समय वहां उनका भाई भी था इसलिए उन्होंने झूठ कहा था, वास्तव में उनका कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था|

तीसरी मुलाकात में मिला नंबर

अपनी पहली मुलाकात के बाद ही शाहरुख़ ने गौरी को फॉलो करना शुरू कर दिया था| वे हर उस पार्टी में जाने को तैयार रहते थे, जिसमें गौरी के आने की भनक भी उन्हें लग जाती थी| 25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर लिया था| अब दोनों में फोन पर बातें होने लगी थी| घरवालों को शक न हो इसलिए उन्होंने कोडवर्ड में बात करनी शुरू कर दी| शाहरुख़ अपनी दोस्त से गौरी के घर में बात करवाते थे, गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती थी| दरअसल, शाहीन ही वह इशारा होता था कि शाहरुख़ का फोन आया है|

जब गौरी के लिए दर-दर भटके शाहरुख़

दोनों का प्यार जब परवान चढ़ने लगा तो शाहरुख़ बहुत पज़ेसिव हो गए| वे इतने पजेसिव हो गए कि यदि गौरी  अपने बालों को खोलकर रखें तो वे उनसे लड़ने लगते थे| यदि गौरी किसी लड़के से बात करे या स्विम सूट पहने तो भी शाहरुख़ चिढ़ने लग गए थे| इस बात से तंग आकर गौरी शाहरुख़ को बिना बताए मुंबई चली गई| इसके बाद शाहरुख़ गली-गली जाकर गौरी को तलाशने लगे| बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के ‘अक्सा बीच’ पर ढूंढ़ निकाला| शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थीं|

डरते हुए किया था प्रपोज

शाहरुख़ ने गौरी को बहुत डरते-डरते प्रपोज किया था| इस बारे में उन्होंने ही बताया था कि एक दिन मैंने गौरी को उसके घर छोड़ा, जब वह गाड़ी से उतर रही थी तो मैंने उससे कहा, मैं तुमसे शादी करूंगा? इसके बाद बिना उसका जवाब सुने मैं अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला आया|

जब रिलीजन बना विलेन, पांच साल तक बने रहे हिन्दू

शाहरुख़ मुस्लिम परिवार से थे तथा गौरी हिंदू ब्राह्मण परिवार से संबंध रखती थीं| उन दोनों के रिश्ते की बात गौरी के पिता सुनते भी नहीं इसलिए शाहरुख़ ने गौरी के पैरेंट्स को इंप्रेस करने के लिए पांच साल तक हिन्दू बनने का नाटक किया| उन्होंने अपना नाम भी बदल लिया था| इसके बाद गौरी के परिवार वालों को पता चल चुका था कि शाहरुख़ हिन्दू नहीं हैं, लेकिन वे यह भी जान गए थे कि वे दोनों अलग भी नहीं रह सकते हैं|

दो बार हुई शादी

धर्मों की भिन्नता के कारण शाहरुख़ और गौरी दो बार शादी के बंधन में बंधे| शाहरुख और गौरी का निकाह भी हुआ और उनकी शादी भी हुई, ताकि दोनों के परिवारवालों के अरमान पूरे हो सके| उनका पहले निकाह हुआ, फिर 25 अक्टूबर, 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई|

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