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मिशेल से मिली मोदी सरकार को ऑक्सीजन

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बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण को सरकार अहम कामयाबी बता रही है। उसे दुबई से मंगलवार को प्रत्यर्पित किया गया। यहां आते ही सीबीआई ने मिशेल को हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। दरअसल 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। आरोप है कि एंग्लो-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने इस सौदे को हासिल करने के लिए मिशेल को कथित तौर पर अपना बिचौलिया बनाया था और उसके जरिये भारतीय नेताओं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, नौकरशाहरों सहित वायुसेना के दूसरे अधिकारियों को रिश्वत दिलवाई थी।

क्रिश्चियन मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने वायुसेना के तत्कालीन प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिजन सहित दूसरे अभियुक्तों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र किया। अधिकारियों ने वीवीआईपी लोगों के लिए खरीदे जा रहे हेलीकॉप्टर की उड़ान क्षमता 6 हजार मीटर से घटाकर 4500 मीटर करने में कथित तौर पर अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया था। इस सौदे में 2013 में घूसखोरी की बात सामने आने पर तत्कालीन रक्षामंत्री एके एंटोनी ने रक्षा सौदा रद्द किया, बल्कि सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।

नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई मामले देखने वाले विशेष जज ने 24 सितंबर 2015 को मिशेल के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया| तब भारत में यूपीए सरकार हट चुकी थी। मिशेल के खिलाफ वारंट के आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और फरवरी 2017 में मिशेल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया। तब से ही मोदी सरकार की कोशिश थी कि उसे भारत लाया जाए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में ऑपरेशन यूनिकॉर्न नाम का एक खुफिया अभियान चलाया, जिसके तहत 4 दिसंबर की रात सीबीआई की टीम मिशेल को भारत ले आई।

मिशेल की गिरफ्तारी ने जहां भाजपा खेमे को राहत दी है वहीं कांग्रेस की बेचैनी बढ़ाई है क्योंकि यह उनके कार्यकाल का मामला है। मिशेल ने भी कहा है कि वह झूठ नहीं बोलेगा। वह जांच में भारतीय एजेंसियों का सहयोग करने के लिए भारत में किसी भी प्रकार के ट्रायल के लिए तैयार है। राजस्थान, तेलंगाना विधानसभा के साथ ही आमसभा के लिए बनते चुनावी माहौल के बीच मिशेल के भारत लाए जाने से मामले ने सियासी गलियारों को गरमा दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि सीबीआई के मार्फत उनकी पार्टी पर अन्यथा सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। इसके लिए वह न्यायालय में भी जवाब देने को तैयार है। वहीं राफेल खरीदी को लेकर विवादों में घिरी भाजपा को मिशेल के रूप में बड़ी काट मिली है, जो निश्चित तौर पर ऑक्सीजन प्रदान करेगी।

अगस्ता वेस्टलैंड का बिचौलिया भारत की पकड़ में

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