भाई-बहन ही समझ सकते हैं रिश्ते की अहमियत, जानें ख़ास बातें

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भाई-बहन का रिश्ता यानी नोकझोंक, मस्ती-मज़ाक से भरा प्यार| दोनों में चाहे कितनी भी लड़ाई हो जाए, वे एक-दूसरे की कितनी भी शिकायतें कर दें, लेकिन जब ज़रूरत पड़ती है तो वे एक-दूसरे के लिए सबसे पहले आगे आते हैं| अपनी बहन को छोटी-छोटी बात के लिए परेशान करना भाइयों की आदत होती है| इस रिश्ते की ख़ासियत भी उनसे ज्यादा कोई नहीं जान सकता है| मां की डांट से बहन ही बचाती है और बहन की हर फरमाइश पूरा करने के लिए भाई सबसे पहले आगे आता है| आज जानते हैं इस रिश्ते से जुड़ी कुछ ख़ास बातें|

बिना बात की लड़ाई

भाई-बहन में अक्सर बिना बात के लड़ाई हो जाती है| एक-दूसरे को तंग करने से वे कभी पीछे नहीं हटते| चाहे हमेशा ही दोनों लड़ते हैं, लेकिन एक-दूसरे के बिना भी उन्हें अच्छा नहीं लगता है| उनके बेवजह झगड़े की अहमियत भी सिर्फ वे ही समझ सकते हैं|

 मम्मी-पापा की डांट से बचाएं

यदि भाई की किसी गलती को मम्मी-पापा से छिपाना हो तो उस समय उन्हें बहनें ही याद आती हैं| वहीं कई बार इन्हीं गलतियों की वजह से भाइयों को पिटवाने के लिए भी बहन आ जाती है| इस प्यार को वे दोनों तब याद करते हैं, जब एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं|

परेशानियां करते साझा

कई ऐसी बातें होती हैं, जो लड़कियां किसी को नहीं बताती है, लेकिन वे अपने भाई को बताने में नहीं हिचकती| कई ऐसी समस्याओं का भाई-बहन बिना परिवार को बताए समाधान निकाल लेते हैं|

हमेशा साथ

चाहे कितनी भी लड़ाई हो, वे हमेशा एक-दूसरे का साथ देते हैं| यह एक ऐसा प्यार भरा रिश्‍ता है, जहां केयर, सुरक्षा और जीवनभर एक-दूसरे का साथ होता है|

पॉकेटमनी

जब पॉकेटमनी ख़त्म हो जाती है तो उस समय भाइयों को बहन की याद आती है| कई बार भाई-बहन मदद करने के लिए अपनी जेबखर्ची एक-दूसरे को दे देते हैं।

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