नए उद्यमियों को मिलेगी छूट  

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भारत में स्टार्टअप्स बड़ी तेज़ी से रफ़्तार पकड़ रहे हैं| सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी योजनाओं ने स्टार्टअप्स को नए अवसर दिए हैं| सरकार भी देश के नए उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है और सरकार ने एक बार फिर देश के नए उद्यमियों को राहत दी है| टैक्स के मामले में सरकार  ने एक बार फिर नए उद्यमियों को विशेष छूट  दी है|

सरकार ने एंजल इन्वेस्टर के कंट्रीब्यूशन सहित 10 करोड़ तक के टोटल इन्वेस्टमेंट वाली स्टार्टअप्स को टैक्स कंसेशन (टैक्स में छूट) की इजाजत देकर उभरते उद्यमियों को बड़ी राहत दी है| कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने एक नोटीफिकेशन के जरिये कहा कि स्टार्टअप में स्टेक लेने के इच्छुक एंजल इन्वेस्टर की मिनिमम नेटवर्थ दो करोड़ रुपये या पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में 25 लाख रुपये से ज्यादा एवरेज रिटर्न्ड इनकम होनी चाहिए|

मिनिस्ट्री की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, ‘नोटिफिकेशन के जरिए किए गए अमेंडमेंट्स के साथ ही अब स्टार्टअप्स के लिए फंड का एक्सेस आसान हो जाएगा| इससे नया बिजनस शुरू करना आसान हो जाएगा, स्टार्टअप ईकोसिस्टम और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, देश में रोजगार सृजन बढ़ेगा|’

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 56 के तहत कई स्टार्टअप्स ने एंजल फंड्स से जुड़े टैक्सेशन को लेकर चिंता जताई थी| मिनिस्ट्री के बयान के मुताबिक, ‘डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया है| इसके जरिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत स्टार्टअप्स को मुहैया किए जाने वाले इंसेंटिव्स का दावा करने के वास्ते एप्लिकेशन देने के लिए इंटर मिनिस्ट्रियल बोर्ड पर आधारित बोर्ड का गठन किया गया है|’

सरकार के इस कदम से युवाओं में स्टार्टअप्स के प्रति रुझान बढेगा| और नए कारोबारों को प्रोत्साहन मिलेगा| देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति में स्टार्टअप्स के लिए यह छूट  इकनोमिक ग्रोथ में सहायक होंगी|

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