मध्यप्रदेश दिवस: आइए जानें कुछ ख़ास, इतिहास और रोचक बातें

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वर्ष 1956 में आज यानी 1 नवंबर को मध्यप्रदेश की स्थापना हुई थी| यह भारत के मध्य में स्थित है| मध्यप्रदेश की नींव रखने वाले स्वप्नदृष्टा प्रखर स्वतंत्रता सेनानी पंडित रविशंकर शुक्ल को इसे सजाने-संवारने का जिम्मा मिला|वे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने| आज हम प्रदेश का 64वां स्थापना दिवस मना रहे हैं| प्रदेश के गठन के बाद राजधानी के लिए कई नाम सामने आए, जिनमें ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, भोपाल सहित अन्य कई जिले थे| इन सभी जिलों में से भोपाल को राजधानी इसलिए बनाया गया क्योंकि वहां के नवाब भारत के साथ विलय से नाराज़ थे| केंद्र सरकार नहीं चाहता था कि कोई भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि हो इसलिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को एकीकरण की जिम्मेदारी सौंपी| इसके बाद नवाबों के बढ़ते विरोध के बाद भोपाल को राजधानी का दर्जा दिया गया| प्रदेश के गठन के दौरान कुल 43 जिले थे|

देश में क्षेत्रफल के आधार पर 1 नवंबर 2000 तक मध्यप्रदेश सबसे बड़ा राज्य था, लेकिन जैसे ही छत्तीसगढ़ अलग हुआ, यह दूसरे नंबर पर आ गया| यह पहला ऐसा राज्य है, जिसकी सीमा पांच राज्यों से मिलकर बनती है| इसमें उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्य शामिल हैं इसलिए इसे ‘हृदय प्रदेश’ भी कहा जाता है| मध्यप्रदेश को यह नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिया था| प्रदेश को ब्रिटिश काल में ‘सेंट्रल प्रोविंस बरार’ (मध्य प्रान्त) के नाम से जाना जाता था| आज मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस पर जानते हैं प्रदेश के बारे में विस्तार से…

# नाम – मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट ,सोया स्टेट , हृदय प्रदेश ,मध्य भारत, लघु भारत, नदियों का मायका, सेंट्रल प्रोविंस बरार के नाम से भी जाना जाता है|

# मध्यप्रदेश भौगोलिक क्षेत्रफल –  प्रदेश में कुल 51 जिले,  364 तहसीलें और 313 विकासखंड हैं|

# हाईकोर्ट  – प्रदेश में तीन हाईकोर्ट हैं, जिनमें जबलपुर में हाईकोर्ट है तथा इंदौर और ग्वालियर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ है|

# राजधानी – प्रदेश की राजधानी भोपाल है तथा व्यावसायिक राजधानी इंदौर है|

# भाषा – यहां की मुख्यभाषा हिन्दी है तथा उर्दू के साथ ही कई क्षेत्रीय बोलियां भी बोली जाती हैं|

# खेल, नाटक एवं नृत्य  – प्रदेश का राजकीय खेल मलखंभ, राजकीय नाटक माच तथा नृत्य राई है|

# क्षेत्रफल – मध्यप्रदेश 3,08,252  वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है|

# राजकीय चिन्ह – प्रदेश का राजकीय चिन्ह 24 स्तूप आकृति के अंदर एक वृत्त  है, जिसमें गेहूं और धान की बालियां दर्शित हैं|

# राजकीय पशु, पक्षी, वृक्ष और पुष्प – मध्यप्रदेश का राजकीय पशु बारहसिंगा, राजकीय पक्षी दूधराज, राजकीय वृक्ष बरगद और राजकीय पुष्प सफ़ेद लिली है|

# राजकीय मछली और फसल – प्रदेश की राजकीय मछली महाशीर तथा राजकीय फसल सोयाबीन है|

# राजकीय गान – सुख का दाता सब का साथी, शुभ का यह संदेश है| मां की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है|

 आइये जानते हैं प्रदेश की कुल सीट एवं अन्य जानकारियां

# विधानसभा, लोकसभा एवं राज्यसभा की सीटें – 230 विधानसभा, 29 लोकसभा और 11 राज्यसभा की सीटें| इनमें से विधानसभा की सीटों में अनुसूचित जाति के लिए – 35, अनुसूचित जनजाति के लिए – 47 सीटें आरक्षित हैं|

# लोकसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लिए 4 और अनुसूचित जनजाति के  लिए 6 सीटें आरक्षित हैं|

# संभाग और नगर निगम की संख्या – मध्यप्रदेश में 10 संभाग और कुल 16 नगर निगम हैं|

नगर पालिका, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत और जिला पंचायतों की संख्या 

# मध्यप्रदेश में कुल 98 नगर पालिका, 23,006 ग्राम पंचायत, 313 जनपद पंचायत, 264नगर पंचायत और 51 जिला पंचायते हैं|

# कुल गांव – मध्यप्रदेश में कुल 54,903 गांव स्थित हैं|

# साक्षरता – प्रदेश की साक्षरता 70.6% है, जो जबलपुर में सर्वाधिक 82.5% है| राज्य में पुरुष साक्षरता 80.5%  और महिला साक्षरता  60.0% है|

यहां हर साल करोड़ों सैलानी उत्कृष्ट शिल्प और मूर्तिकला से सजे मंदिरों को देखने आते हैं|

# प्रदेश में प्रसिद्ध स्थल 

पर्यटन और पुरातात्विक आधार पर प्रदेश में कान्हा किसली, महेश्वर, मांडू, खजुराहो, भोजपुर, ओंकारेश्वर, सांची स्तूप, पचमढ़ी, भीमबेटका, चित्रकूट, मैहर, भोपाल, बांधवगढ़, उज्जैन प्रसिद्ध हैं|

# चंदेरी की साड़ियों के लिए मशहूर मध्यप्रदेश

प्रदेश पूरे विश्व में अपने चंदेरी की साड़ियों के लिए मशहूर हैं| लगभग सात सौ वर्ष पहले चंदेरी में साड़ी बनाने का कारोबार शुरू किया गया| बाद में सिंधिया राजवंश ने इसे संस्थागत कारोबार का दर्जा दिया और कारोबारियों के लिए कस्बा बसा दिया|

# भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल

उज्जैन जिसे प्रदेश की धार्मिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है, वहां महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है, जो भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है|

मध्यप्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य हैं, जहां की धरोहर, संस्कृति और परंपराओं को बड़ी ही शालीनता के साथ आज भी संजोकर रखा गया है|  आज मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल पंजाब और हरियाणा का भी स्थापना दिवस है|

   – Ranjita Pathare 

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