Lok Sabha Election 2019 : राजनीतिक दलों में अब प्लेन की लड़ाई

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देश में आम चुनाव का प्रचार (Helicopters For Election Campaign) जोर-शोर से जारी है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल सत्ता की दौड़ में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं। सभी नेता चाहते भी हैं कि वे अपने विरोधी से पहले खुद लोकसभा क्षेत्र में पहुंचें और सभाएं करें, लेकिन फिर भी उनकी यह लड़ाई हवा में लटकी हुई है।

राजनीतिक दलों में अब प्लेन की लड़ाई

यह लड़ाई ज्यादा से ज्यादा हेलिकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन बुक करवाने की है। इससे चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के दौरान हेलिकॉप्टर (Helicopters For Election Campaign) और चार्टर्ड प्लेन कंपनियों की तो चांदी हो गई है, लेकिन नेताओं के लिए चार्टर्ड प्लेन और हेलिकॉप्टर का संकट पैदा हो गया है। पहले चुनावों में घंटों के हिसाब से हेलिकॉप्टर की बुकिंग होती थी, लेकिन इस बार राजनीतिक दलों ने पूरे सीज़न के लिए ही हेलिकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन बुक कर दिए हैं। इसके पीछे राजनीतिक दलों के दो लक्ष्य हैं, एक तो उनके स्टार प्रचारकों को प्लेन या हेलिकॉप्टर की कमी न हो और दूसरा अन्य पार्टी को ये उपलब्ध न हो सके।

यह है हेलिकॉप्टर का किराया (Helicopters For Election Campaign)

सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर 1 से 2 लाख रुपए प्रति घंटा के किराये पर उपलब्ध होता है जबकि डबल इंजन हेलिकॉप्टर के लिए नेताओं को 2 से 3 लाख रुपए प्रति घंटा के हिसाब से भुगतान करना होता है। किसी भी राजनीतिक दल के लिए एक दिन के प्रचार के लिए हेलिकॉप्टर पर 15 से 20 लाख रुपए तक खर्च होता है। वहीं यदि हेलिकॉप्टर खड़ा रहता है तो भी दलों को किराया तो देना ही है।

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अभी हेलिकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन को लेकर स्थिति

फिलहाल भारत में लगभग 260 हेलिकॉप्टर और 200 चार्टर्ड प्लेन्स हैं। इनमें से भाजपा ने महीनों पहले ही लगभग 60 फीसदी हवाई जहाजों की बुकिंग करवा ली है। ऐसे में कांग्रेस की शिकायत है कि उसके पास बुकिंग के लिए जहाज ही नहीं है। इस बार एक नई बात यह भी देखने में आ रही है कि कई स्थानीय दल, खासतौर पर वे जो महागंठबंधन में शामिल हैं, वे एक दूसरे से हेलिकॉप्टर भी साझा कर रहे हैं।

यह है कंपनियों का गणित

देश में सबसे ज्यादा हेलिकॉप्टर ‘पवन हंस’ कंपनी के पास हैं| इसके बाद ‘ग्लोबल वेक्ट्रा हेलीकॉर्प’ का नंबर आता है। प्राइवेट जेट कंपनियों में ‘क्लब वन एयर’ और ‘ताज एयर’ जैसी कंपनियों के पास अच्छी संख्या में चार्टर्ड प्लेन हैं।

दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा मांग

इस बार दक्षिण भारत से भी चार्टर्ड और हेलिकॉप्टर को लेकर काफी मांग आ रही है। इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस को भी बड़ी तादाद में प्लेन और हेलिकॉप्टर लग रहे हैं। स्थिति कुछ यूं है कि यदि यह मांग बढ़ती रही तो कंपनियों को विदेश से लीज़ पर प्लेन मंगवाकर नेताओं के लिए इंतजाम करना होगा।

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इसमें भी नंबर 1 पर भाजपा

देश में कुल 260 हेलिकॉप्टर हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत पहले ही भाजपा बुक करवा चुकी है। वहीं बाकी कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों ने बुक किए हैं जबकि कई दलों के हाथ इसमें खाली हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा पर आरोप भी लगाए थे कि भाजपा सिर्फ 4 हज़ार करोड़ रुपए अपने प्रचार पर खर्च कर रही है, जो सरकारी धन का दुरुपयोग है जबकि प्रचार के लिए दूसरे राजनीतिक दलों का बजट इससे कहीं कम है।

– राहुल

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