जानें मदनमोहन मालवीय के बारे में…

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मदनमोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को इलाहाबाद में हुआ (Madan Mohan Malaviya Birth Anniversary 2018) था। कुल सात भाई-बहनों में से वे अपने माता-पिता की पांचवीं संतान थे। ये राष्ट्रवादी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, राजनेता, शिक्षाविद और प्राचीन भारतीय संस्कृति के विद्वान के रूप में जाने गए। उनके पिता पंडित ब्रजनाथ संस्कृत भाषा के प्रकाण्ड विद्वान थे। वे श्रीमद्धागवत की कथा सुनाकर अपनी आजीविका अर्जित करते थे। माता-पिता ने उन्हें पांच वर्ष की आयु में संस्कृत भाषा में प्रारम्भिक शिक्षा लेने के लिए पण्डित हरदेव धर्म ज्ञानोपदेश पाठशाला में दाखिल करवा दिया। वहां उन्होंने प्राइमरी परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात वे एक अन्य विद्यालय में भेजे गए। यहां से शिक्षा ग्रहण कर वे इलाहाबाद के जिला स्कूल पढ़ने गए। यहीं उन्होंने मकरंद के उपनाम से कविताएं लिखनी शुरू कीं। 1879 में मदनमोहन मालवीय ने म्योर सेण्ट्रल कॉलेज से दसवीं की परीक्षा पास की। 1984 में उन्होंने बीए की उपाधि प्राप्त की।

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Madan Mohan Malaviya Birth Anniversary 2018 : 

कांग्रेस के अध्यक्ष

मदन मोहन मालवीय चार बार कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। मदन मोहन मालवीय को 1909, 1918, 1932 और 1933 में कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। हालांकि सरकार द्वारा उनकी गिरफ्तारी के कारण वे  1932 और 1933 के सत्रों की अध्यक्षता नहीं कर सके थे। उन पर प्रतिबंध लग गया था। मदनमोहन मालवीय कांग्रेस के कट्टर समर्थक माने जाते थे।

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बीएचयू मालवीय की देन

मदनमोहन मालवीय अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अग्रणी नेताओं में रहे। उन्होंने एक ऐसा विश्वविद्यालय बनाने का जिम्मा उठाया, जहां प्राचीन भारतीय परंपराओं को कायम रखते हुए देश-दुनिया में हो रही तकनीकी प्रगति का भी ज्ञान मिले। 1916 में स्थापित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उनकी ही देन है।

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सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला

मदनमोहन मालवीय को साल 2014 में भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कहा जाता है कि महात्मा गांधी ने उन्हें अपना बड़ा भाई कहते हुए भारत निर्माता की उपाधि दी थी। मदनमोहन मालवीय ने 12 नवंबर 1946 को बनारस में अंतिम सांस ली।

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मदनमोहन मालवीय के बारे में कुछ खास बातें…

– पूरे भारत में अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें महामना की उपाधि दी गई।

– 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 144 धारा का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

– मदनमोहन मालवीय ने 1907 में अभ्युदय हिंदी साप्ताहिक की शुरुआत की।

– 1924 से 1946 तक हिंदुस्तान टाइम्स के चेयरमैन रहे।

– मदनमोहन मालवीय ने कलाराम मंदिर में दलितों को प्रवेश दिलाया था।

– 1909 में ‘द लीडर’ अंग्रेजी अख़बार की स्थापना की थी।

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