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Important Facts : यह है हनुमानजी के जीवित होने का राज़?

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आज हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2019) है| हनुमानजी सबसे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं, जिनका महज नाम लेते ही बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं| इसी कारण इन्हें संकटमोचन (Important Facts About Lord Hanuman) कहा जाता है| शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने ही त्रेतायुग में हनुमानजी के रूप में अवतार लिया था| हनुमानजी भगवान शिव के सबसे श्रेष्ठ अवतार कहे जाते हैं| रामायण हो या महाभारत दोनों धर्मग्रंथों में कई जगह पर हनुमानजी का जिक्र किया गया है| अब रामायण तो हनुमान के बिना अधूरी ही है किन्तु महाभारत में भी अर्जुन के रथ से लेकर भीम की परीक्षा तक कई जगह हनुमानजी के दर्शन हुए हैं|

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धर्मशास्त्रों में जिन सात चिरंजीवियों का जिक्र आता है, उनमें अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम हैं। माना जाता है कि ये अमर आत्माएं हैं, जो आज भी पृथ्वी पर हमारे बीच मौजूद हैं। कलयुग में इन सात चिरंजीवियों में हनुमानजी की साधना सबसे अधिक की जाती है।

आखिर क्या है  हनुमान के जीवित होने का राज? आइये हम आपको इस बारे में बताते हैं (Important Facts About Lord Hanuman) :

यूं हुए अमर

हनुमान के जीवित होने का राज

‘अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन्ह जानकी माता’|

हनुमान चालीसा का यह दोहा तो आपने सुना ही होगा, इसी में हनुमानजी के अमर होने का रहस्य छिपा है| दरअसल, लंका में बहुत ढूंढने के बाद भी जब माता सीता का पता नहीं चला तो हनुमानजी उन्हें मृत समझ बैठे, लेकिन फिर उन्हें भगवान श्रीराम का स्मरण हुआ और उन्होंने पुन: पूरी शक्ति से सीताजी की खोज प्रारंभ की और अशोक वाटिका में सीताजी को खोज निकाला| सीताजी ने उस समय खुश होकर हनुमानजी को अमरता का वरदान दिया था|

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जब हनुमानजी ने कहा था, “अमरता का वरदान वापस ले लो”

हनुमान के जीवित होने का राज

भगवान श्रीराम ने अपने जीवनकाल में ही बता दिया था कि वे कब धरती के सफर को पूरा कर स्वर्गलोक में विराजमान होंगे| यह सुनकर सबसे ज्यादा दुःख जिसको हुआ था, वे रामभक्त हनुमानजी ही थे| यह खबर सुनते ही वे माता सीता के पास गए और उनसे कहा, “हे माता मुझे आपने अजर-अमर होने का वरदान तो दिया किन्तु एक बात बताएं कि जब मेरे प्रभु राम ही धरती पर नहीं होंगे तो मैं यहां क्या करूँगा| मुझे अपना दिया हुआ अमरता का वरदान वापस ले लो|”

जब हनुमानजी माता सीता के सामने जिद पर अड़ जाते हैं तब भगवान राम वहां प्रकट होते हैं और हनुमान को गले लगाते हुए कहते हैं, “हनुमान, मुझे पता था कि तुम सीता के पास आकर यही बोलोगे| देखो हनुमान, धरती पर आने वाला हर प्राणी, चाहे वह संत है या देवता कोई भी अमर नहीं है| तुमको तो वरदान है हनुमान, क्योकि जब इस धरती पर और कोई नहीं होगा तो राम नाम लेने वालों का बेड़ा तुमको ही तो पार करना है| एक समय ऐसा आएगा, जब धरती पर कोई देव अवतार नहीं होगा, पापी लोगों की संख्या अधिक होगी तब राम के भक्तों का उद्धार मेरा हनुमान ही तो करेगा| इसलिए तुमको अमरता का वरदान दिलवाया गया है हनुमान|”

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हनुमान के जीवित होने का राज

तब हनुमान अपने अमरता के वरदान को समझते हैं और राम की आज्ञा समझकर आज भी धरती पर विराजमान हैं| हनुमान को हर रामभक्त का बेड़ा पार करना है और जहाँ भी रामनाम लिया जाता है, वहां हनुमान जरूर प्रकट होते हैं|

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