अब जागरूक होने की अधिक ज़रूरत…

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मतदाताओं ने अपनी ताकत दिखा दी..और तख्तापलट भी कर दिया ..पर मध्यप्रदेश के परिणामों के बाद आपको नहीं लगता कि कुछ तो गलत हो गया है ? ..कांग्रेस को जिताना था तो पूर्ण बहुमत दे देना था ..अहंकारियों को जमीनी तस्वीर तो दिखानी थी, पर यह भी तो देखना था कि जो आ रहे हैं, वे पूर्ण बहुमत में हैं …वे कुछ करेंगे? ..कैसे करेंगे ? खाली खजाने से वे कैसे पूरी करेंगे घोषणाएं ?

उन्होंने 973 घोषणाएं अपने चुनाव पूर्व जारी किए वचन-पत्र में की हैं…उनमें से कुछ खास वचन ये हैं… किसानों का कर्ज़ माफ किया जाएगा, किसानों का बिजली का बिल आधा करेंगे…माफिया राज खत्म करेंगे…डीजल और पेट्रोल पर छूट दी  जाएगी ..मेड इन मध्यप्रदेश पर जोर दिया जाएगा….निवेश प्रोत्साहन दिया जाएगा…आवास अधिकार का कानून बनेगा.. बेघर लोगों को ढाई लाख रुपए का अनुदान  देंगे, 450 वर्गफुट का भूखंड देंगे.. 10000 रुपए प्रतिमाह एक बेरोजगार परिवार को दिया जाएगा …सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से बढ़ाकर 1000 रु प्रतिमाह होगी| बच्चियों के विवाह के लिए 51000 रुपए का अनुदान… टॉप करने वाले नौजवानों को फ्री लैपटॉप दिया जाएगा| ये तो बानगी है वचन-पत्र की …काफी कुछ है इसमें, पर क्या यह सब हो पाएगा …देखना है कि आगे क्या होता है ..कैसे होगी इन सबके लिए ‘अर्थ’व्यवस्था और कैसे होंगे वचन पूर्ण ….

अब जब सरकार बन ही गई है तो उनको मौका देना होगा ..पर आपकी जागरूकता की अब अधिक ज़रूरत होगी ..पता है क्यों? …क्योंकि कांग्रेस की गुटबाजी की परंपरा कब हावी हो जाए और ये आपस में ही भिड़ जाएं… तब आपके सपनों का क्या होगा, जो आपने इनके जिम्मे किए हैं…जागरूक होना होगा, ये अपनी झोली भरने से पहले आपकी झोली भर दें| आप इनके पास जाएं तो ये राजा महाराजा की तरह नहीं एक जनसेवक के रूप में आपसे मिल लें…आपकी सुनें, भले ही कुछ न करें…सत्ता मद आपको दुत्कार न दें …आपको प्रजातंत्र के असली सेवक से बात करने का एहसास हो न कि किसी सत्ताधीश से …साथ ही आपको उन पर नज़र भी रखना होगी कि वे आपके द्वारा प्रदत्त अधिकारों का सही उपयोग करें ..आपकी जायज मांगों को पूर्ण करने का प्रयास करें ..उनको यह भी एहसास रहे कि वे दीर्घकाल के लिए सत्तासीन होने के लिए नहीं वरन आपके लिए कुछ करने आए हैं ..फिर ‘कलयुग’ भी तो राजसिंहासन पर विराजित है, कब इनको भी अहंकार भाव आ जाए….ये कब आपको गरिया दें ..कब आपको ये भी इस सरकार जैसे भाव दिखाने लग जाएं .. इन सब पर भी आपको जागरूक रहना होगा ..

सत्ता की चाहत में कांग्रेस ने भी बेहिसाब वायदे आमजन से कर दिए हैं ..उनको शायद यह कल्पना भी नहीं थी कि इतनी आसानी से सत्ता उनके हाथ आ जाएगी ..अब मामला मुखिया पद पर कौन बैठे से जैसे-तैसे निपटने के बाद मंत्री पद की बंदरबाट पर टिका है…अभी तो ठीक लोकसभा के चुनाव तक भी ये अपने पिटारे से कुछ दें पाएं तो शायद यह लोकतंत्र के लिए सार्थक होगा ..और इनके लिए दिल्ली के दरवाजे भी खुल जाएंगे ..जनता कब किसको सिर-आंखों पर बैठा ले कोई नहीं जान सकता …कब कहां से जनता के मन में किसके लिए दुलार आ जाए कह नहीं सकते ..तो अब जिम्मेदारी आपकी है कि आप कब तक किसको सत्ता में रखना चाहते हैं और कब नहीं ..इसलिए जागरूक होने की अब अधिक ज़रूरत है ..आपके आंख-कान सब खुले होने चाहिए ..तभी तो आप इस लोकतंत्र के सच्चे अधिकार संपन्न अधिकारी होंगे..|

-डॉ.कमल हेतावल, इंदौर

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