कब लगेगा रेल हादसों पर ब्रेक

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भारत में रेल हादसे कोई आम बात नहीं हैं। रेल प्रशासन को हर हादसे से सबक लेना चाहिए और भविष्य में ऐसे हादसे न हो, इसके लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए, लेकिन लगता है कि रेल हादसों पर काबू पाने की दिशा में रेलवे गंभीर नहीं है। उत्तरप्रदेश में रायबरेली के हरचंदपुर स्टेशन के पास बुधवार सुबह मालदा से दिल्ली की ओर जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। हादसे का कारण पटरियों में गडबड़ी या उनके रखरखाव में कमी के रूप में सामने आया है।

 

जांच तो इस हादसे की होगी ही जैसी कि पहले के रेल हादसों की हो रही है, लेकिन हर बार की तरह रिपोर्ट ठण्डे बस्ते में चली जाएगी। ताज़ा दुर्घटना उस रेलमार्ग पर हुई, जो देश के सबसे व्यस्त रेलमार्गों में से एक है। यह पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत को राजधानी दिल्ली से जोड़ता है। इस दुर्घटना का असर रेलमार्ग पर चलने वाली अन्य ट्रेनों पर भी पड़ा। ऐसे व्यस्त मार्ग पर ट्रेन का पटरी से उतरना एक गंभीर समस्या है। अभी मौसम सामान्य है, न अधिक गर्मी और न ही तेज़ ठंड, फिर यदि रेल हादसे होते हैं तो रेलवे प्रशासन को इसका कारण बताना चाहिए। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि मौसम कैसा भी हो कोई रेल हादसा हो ही नहीं ताकि यात्री निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें, लेकिन यह किसी दुर्भाग्य से कम नहीं कि जनता एक हादसे को भूल भी नहीं पाती है कि नई दुर्घटना घटित हो जाती है।

 

 भारत में हुए अब तक के बड़े रेल हादसों पर नज़र

# 21 दिसंबर 1993 को राजस्थान में कोटा-बीना एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकराई। हादसे में 71 की मौत और कई घायल|

# 20 अगस्त 1995 को नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस फ़िरोज़ाबाद, यूपी में कालिंदी एक्सप्रेस से जा टकराई। हादसे में 250 की मौत और कई घायल।

# 18 अप्रैल 1996 को एर्नाकुलम एक्सप्रेस दक्षिण केरल में एक बस से जा टकराई। 35 की मौत, 50 घायल।

# 3 अगस्त 1999 को दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल पश्चिम बंगाल में अवध- असम एक्सप्रेस से टकराई। हादसे में 285 की मौत और 300 लोग घायल हो गए।

# 2 दिसंबर 2000 को कोलकाता से अमृतसर जा रही हावड़ा मेल दिल्ली जा रही एक मालगाड़ी से टकराई। हादसे में 40 की मौत और कई घायल।

#  31 मई 2001 को यूपी में रेलवे क्रॉसिंग पर पर खड़ी बस से ट्रेन जा टकराई। दुर्घटना में 31 लोगों की मृत्यु हो गई।

 

#  9 सितंबर 2002 को हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। हादसे में 120 लोग मारे गए।

#  2 जुलाई 2003 को तेलंगाना में हैदराबाद से 120 किलोमीटर दूर वारंगल में गोलकुंडा एक्सप्रेस के दो डिब्बे और इंजन एक ओवरब्रिज से नीचे सड़क पर जा गिरे। हादसे में 21 लोगों की मौत हुई।

#  फरवरी 2005 में महाराष्ट्र में एक रेलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर हो गई। हादसे में 50 लोगों की मौत और कई घायल हो गए।

# 21 अप्रैल 2005 में गुजरात में वडोदरा के पास साबरमती एक्सप्रेस और मालगाड़ी से जा टकराई। हादसे में 17 लोगों की मौत और 70 लोग घायल हो गए।

#  14 फरवरी 2009 को हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे ओडिशा में जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गए। दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए।

 

# 21 अक्टूबर 2009 को यूपी में मथुरा के पास गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आखिरी बोगी से जा टकराया। घटना में 22 लोग मारे गए।

# 19 जुलाई 2010 को पश्चिम बंगाल में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की टक्कर हुई। हादसे में 62 लोगों की मौत और कई घायल हो गए।

# 20 सितंबर 2010 में मप्र के शिवपुरी में ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर में 33 लोगों की मृत्यु हो गई और 160 लोग घायल हो गए।

# 10 जुलाई 2011 को गुवाहाटी-पुरी एक्सप्रेस के छह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

# 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के कोच में आग लग गई। हादसे में 25 से ज्यादा लोग मारे गए।

 

# 28 दिसंबर 2013 को बंगलौर-नांदेड़ एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने से 26 लोगों की जान चली गई।

 

# 4 मई 2014 को दिवा सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन नागोठाने और रोहा स्टेशन के बीच पटरी से उतर गई। हादसे में 15 लोगों की मौत और कई घायल हो गए।

# 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। हादसे में 30 लोगों की जान चली गई।

# 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 100 से अधिक लोग की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

# 21 जनवरी 2017 को आंध्रप्रदेश के विजयनगरम ज़िले में हीराखंड एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। दुर्घटना में 35 लोग की जान चली गई।

# 30 मार्च 2017 को यूपी के महोबा स्टेशन के पास जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 50 लोग घायल हो गए।

# 15 अप्रैल 2017 को मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 24 लोग घायल हो गए।

# 19 अगस्त 2017 को यूपी के मुजफ्फरनगर के पास खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 23 की मौत और कई लोग घायल हो गए।

# 23 अगस्त 2017 को आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस औरेया के पास एक डंपर से जा टकराई। हादसे में इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में कई घायल हो गए।

# 6 मई 2018 को महाराष्ट्र के वर्धा में हावड़ा-मुंबई मेल के इंजन में आग लग गई। हादसे में इंधन के सहचालक की मौत हो गई।

 

रेल हादसों से रेलवे को नुकसान तो होता है साथ में छवि भी खराब होती है। पिछले कुछ समय से जितने भी ट्रेन हादसे हुए, उनमें से ज्यादातर ट्रेन का पटरी से उतर जाना रहा। अब ट्रेनों के संचालन से जुड़े बुनियादी पहलुओं पर ध्यान देना होगा। उसे सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी भी रेलवे विभाग को ईमानदारी से निभानी होगी। हर दुर्घटना के पीछ कोई न कोई कारण जरूर होता है। सरकार रेल यात्रियों की सुरक्षा के तमाम दावे करती है और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का राग भी गाती है, लेकिन आधुनिक तकनीक कहीं देखने को नहीं मिलती। देखने को केवल खामियां मिलती हैं और रेल हादसे होते रहते हैं। सरकार सुरक्षा के नाम रेलयात्रा को महंगा बनाने और बुलेट ट्रेनों के परिचालन का दावा करती है, वहीं यात्रियों की सुरक्षित यात्रा की जिम्मेदारी भगवान भरोसे है।

-कुशाग्र वालुस्कर

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