वेस्टइंडीज ने भारत का घमंड किया चकनाचूर!

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एशिया कप और वेस्टइंडीज के खिलाफ आसानी से 2-0 से टेस्ट सीरीज़ जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया था| तभी भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को वनडे सीरीज में कम आंकने की गलती की| वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज हेटमायर और होप ने भारतीय टीम के गेंदबाजों की इस कदर धुलाई की कि कप्तान और कोच के होश उड़ गए और मजबूरन टीम में बुमराह और भुवनेश्वर की वापसी करवानी पड़ी|

पहले मुकाबले में भारत को टक्कर देने के बाद वेस्टइंडीज के इरादे मजबूत हो गए थे, जिसका परिणाम दूसरे मुकाबले में देखने को मिला| दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला टाई रहा| इस परिणाम ने भारतीयों के खेमे में खलबली मचा दी| दोनों मुकाबलों में वेस्टइंडीज की टीम ने 300 से ज्यादा रन बनाए थे| इसके बाद तीसरे वनडे के लिए टीम में मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया गया, लेकिन टीम प्रबंधन की यह कोशिश असफल रही और भारत तीसरा वनडे 43 रनों से हार गया|

किसी को भी उम्मीद नहीं की थी कि क्रिस गेल और किरोन पोलार्ड की गैरमौजूदगी में वेस्टइंडीज की टीम भारत को उसी के घर में ऐसी टक्कर देगी| सीरीज से पहले भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर के बयान पर गौर करें तो उन्होंने कहा था कि भारत-वेस्टइंडीज के बीच होने वाली यह सीरीज एकतरफा है|

सीरीज से पहले गावस्कर का बयान, “विंडीज के पास सीमित ओवर सीरीज में बेहतर करने का मौका है, लेकिन यहां भी उनके प्रमुख खिलाड़ी या तो घर पर हैं या फिर दुनिया के किसी और कोने में किसी  फ्रेंचाइजी के लिए खेल रहे हैं| जाहिर है कि भारत ऐसी कमजोर टीम के खिलाफ आसानी से खेल सकता है और वे भी लगातार जीतकर लय बरकरार रखना चाहेंगे| यह सीरीज एकतरफा ही होगी|”

अफगानिस्तान को कम आंकना पड़ा था भारी

यह पहला मौका नहीं है, जब भारतीय टीम ने किसी छोटी टीम को कम आंकने की कोशिश की हो| इस वर्ष एशिया कप में भी रोहित शर्मा शिखर धवन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए सुपर-4 मुकाबले में बाहर बैठना भारी पड़ गया था| भारत और अफगानिस्तान के मुकाबले को देखें तो इसका परिणाम टाई रहा था, लेकिन देखा जाए तो यह अफगानिस्तान की जीत ही थी| इस मुकाबले के बाद अफगानिस्तान के कप्तान असग़र अफ़ग़ान ने कहा था कि हमारा यह प्रदर्शन सभी बड़ी टीमों के लिए चेतावनी है|

भारत के खिलाफ जब अफगानी बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहे थे, उस समय भी भारत के गेंदबाजों की जमकर धुलाई हो रही थी| एक समय ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान भारत को 300 से ज्यादा का लक्ष्य देगा, लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने सलामी बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद का साथ नहीं दिया| शहजाद ने इस मुकाबले में 124 रनों की पारी खेली थी|

अफगानिस्तान ने भारत को जीत के लिए 252 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे टीम हासिल नहीं कर पाई| भारत की शुरुआत काफी मजबूत थी, लेकिन अफगानिस्तान का क्षेत्ररक्षण और स्पिन गेंदबाजी भी दुरुस्त थी| भारत के तीन खिलाड़ी रनआउट हुए थे| टीम का पहला विकेट 110 रनों पर गिरा था, जिसके बाद एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते गए और अंत में यह मुकाबला टाई हो गया|

-ह्रदय कुमार

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