B’day : क्रिकेट छोड़ना चाहते थे सर जडेजा

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भारतीय टीम के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का बल्ला मैदान में जमकर बोलता है और साथ ही उनकी गेंदबाजी भी विपक्षी टीम के लिए घातक साबित होती है| मैदान के साथ जडेजा सोशल मीडिया पर भी अक्सर चर्चा का विषय बने रहते हैं| भारत का यह हरफनमौला खिलाड़ी फैंस के बीच ‘सर जडेजा’ के नाम से मशहूर है| भारतीय टीम का हिस्सा बनने के लिए जडेजा को काफी संघर्ष करना पड़ा| आज यानी 6 दिसम्बर को रवींद्र जडेजा अपना 30वां जन्मदिन मना रहे हैं| इस ख़ास मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ ख़ास बातें बताने जा रहे हैं|

क्रिकेट छोड़ना चाहते थे रवींद्र जडेजा

6 दिसम्बर 1988 को गुजरात के जामनगर में जन्मे रवींद्र जडेजा की परिवारिक स्थिति काफी कमजोर थी| उनके पिता प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में वॉचमैन का काम करते थे| जडेजा के पिता कहते थे कि वे एक आर्मी ऑफिसर बनें, लेकिन उनकी रुचि क्रिकेट में थी| गली-मोहल्ले में जडेजा काफी क्रिकेट खेलते थे| छोटे स्तर पर क्रिकेट खेलते-खेलते वे कब भारतीय टीम से जुड़ गए, पता ही नहीं चला|

रवींद्र जडेजा की ज़िन्दगी में एक ऐसा समय भी आया, जब वे क्रिकेट छोड़ने का विचार करने लगे थे| वर्ष 2005 में एक दुर्घटना में जडेजा की मां का निधन हो गया था| मां की मौत से वे पूरी तरह से टूट गए थे और क्रिकेट छोड़ने तक का विचार करने लगे थे| हालांकि बाद में परिवार और दोस्तों के समझाने के बाद जडेजा एक बार फिर हाथ में बल्ला थामा और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा|

रवींद्र जडेजा के रिकॉर्ड

वर्ष 2013 में जब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने उनके बारे में एक से बढ़कर एक मजेदार ट्वीट किए, तभी से फैंस ने उन्हें ‘सर जडेजा’ की उपाधि दे दी| जडेजा ने साल 2012-13 में रेलवे के खिलाफ 320 रनों की पारी खेली थी| उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तीन ट्रिपल सेंचुरी लगाई हैं| ऐसा करनामा करने वाले वे दुनिया के आठवें और भारत के पहले भारतीय क्रिकेटर हैं| इससे पहले ऐसा सर डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा, बिल पॉन्सफर्ड, वॉल्टर हैमंड, डब्ल्यूजी ग्रेस, ग्रीम हिक और माइक हसी कर चुके हैं|

रवींद्र जडेजा का करियर 

रवींद्र जडेजा ने 8 फरवरी 2009 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट से अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, जबकि 13 दिसंबर 2012 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला था| उन्होंने अब तक 136 वनडे मैचों में 1914 रन जबकि 155 विकेट लिए हैं, वहीं 35 टेस्ट में 1176 रन और 165 विकेट लिए हैं| टी-20 में उन्होंने 40 मैचों में 31 विकेट लिए हैं| रवींद्र जडेजा अबतक 39 टेस्ट मैचों में 185 विकेट लेने के साथ 1395 रन भी बना चुके हैं, जिसमें एक शतक और 9 अर्धशतक शामिल हैं|  वहीं 144 वनडे मैचों में 169 विकेट लेने के साथ-साथ जडेजा 1982 रन बना चुके हैं, जिसमें 10 अर्धशतक भी शामिल हैं| इसके अलावे जडेजा 40 टी-20 मैचों में 116 रन और 31 विकेट ले चुके हैं|

विश्व कप विजेता टीम का थे हिस्सा

रवींद्र जडेजा वर्ष 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं| भारत ने यह खिताब मलेशिया में 2008 में विराट कोहली के नेतृत्व में जीता| इससे पहले 2005 में जडेजा भारत की अंडर-19 के सदस्य थे| उस समय उनकी उम्र 16 वर्ष थी| वर्ष 2006 में श्रीलंका में हुए अंडर 19 वर्ल्ड कप में भी जडेजा खेले थे हालांकि भारत को फाइनल में पाकिस्तान से हार मिली थी|

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