मोहम्मद रफ़ी ने छिपाई थी अपनी पहली शादी

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“ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आंखें…” हो या फिर “ये चांद सा रोशन चेहरा…” या “दीवाना हुआ बादल…”, आज भी मोहम्मद रफ़ी के दीवानों का दिन इन गानों को सुने बिना नहीं बनता| आज(Mohammed Rafi Birthday 2018) भी दुनिया में रफ़ी के ऐसे कई मुरीद हैं, जिनका सूरज रफ़ी के नगमे सुने बगैर नहीं ढलता| क्या करें रफ़ी के नगमों में जादू ही कुछ ऐसा है कि एक बार उनका गाना सुनने से मन नहीं भरता| आज भी उनकी याद में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं|

रफी का जन्म 24 दिसंबर 1924(Mohammed Rafi Birthday 2018) को पंजाब के कोटला सुल्तान सिंह में हुआ था| आइए, रफी के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें|

रफी के गानों के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन उनके फैंस को उनकी निजी ज़िंदगी के बारे में कम ही पता है| बहुत ही कम लोग जानते हैं कि मोहम्मद रफी ने दो शादियां की थीं| उन्होंने अपनी पहली शादी को सभी से छिपाकर रखा था| इस शादी के बारे में बस दोनों के घरवाले जानते थे| इसका खुलासा मोहम्मद रफी की बहू यास्मीन खालिद रफी ने किया| यास्मीन ने अपनी किताब “मोहम्मद रफी मेरे अब्बा..एक संस्मरण” में रफी की पहली शादी का जिक्र करते हुए लिखा कि मोहम्मद रफी की पहली शादी 13 वर्ष की उम्र में उनके चाचा की बेटी बशीरा बानो से उनके पैतृक गांव में हुई थी|

मोहम्मद रफी की पहली शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई क्योंकि बशीरा ने रफी के साथ भारत आने से इनकार कर दिया| भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय दंगों में बशीरा के माता-पिता की मौत हो गई थी| इन दंगों से वे इतनी डर गईं कि उन्होंने भारत में रहने से इनकार कर दिया और लाहौर में ही रुक गईं जबकि रफी अपना करियर आगे बढ़ाने के लिए मुंबई में ही रहे| इसके बाद उन्होंने बिलकिस के संग दूसरा निकाह किया|

दाल-चावल खाने लंदन पहुंचे रफ़ी

स्वर सम्राट मोहम्मद रफी अपने गायन के साथ-साथ मेहमाननवाज़ी भी अच्छी तरह करते थे| वे अक्सर अपने घर मित्रों को दावत के लिए बुलाया करते थे| ऐसे में रफी की मेहमाननवाजी का एक किस्सा काफी चर्चा में रहा| यह किस्सा खय्यामजी ने साझा किया| उन्होंने बताया, रफी ने कई बार उन्हें और उनकी पत्नी जगजीत कौर को खाने पर इनवाइट किया था|

यास्मीन खालिद ने बताया कि एक बार ब्रिटेन में शो था| ऐसे में जब यास्मीन पति खालिद के साथ रफी से मिलने पहुंचीं तो वे बहुत निराशाजनक स्थिति में थे क्योंकि उनकी परेशानी की वजह थी वहां मिलने वाला खाना, जो उन्हें पसंद नहीं था| ऐसे में रफी ने पूछा की यहां से लंदन जाने में कितना समय लगेगा तो उन्होंने तीन घंटे का रास्ता बताया| फिर रफी ने यास्मीन से पूछा कि क्या तुम एक घंटे में दाल-चावल और चटनी बना सकती हो| यास्मीन के हां कहते ही रफी बिना किसी को बताए लंदन चल पड़े और शो शुरू होने से पहले वापस भी आ गए|

लंदन पहुंचते ही यास्मीन ने तुरंत दाल-चावल और चटनी बनाकर प्याज-टमाटर के सलाद के साथ रफी को परोसा| खाना खाने के बाद रफी ने यास्मीन को बहुत शुक्रिया अदा किया, लेकिन रफी ने शो के दौरान बताया कि वे सिर्फ दाल-चावल खाने लंदन गए थे| यह सुनकर वहां मौजूद सभी दर्शक चौंक गए|

देखें मोहम्मद रफ़ी के सदाबहार नगमे(Mohammed Rafi Birthday 2018)

https://youtu.be/C-ZsXUUwrQs

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आज ख़ास मौके पर इंदौर में भी ‘खबरें अभी तक’ द्वारा रफ़ी के गीतों की सुरमयी शाम कार्यक्रम आयोजित किया गया| इस कार्यक्रम में मोहम्मद रफी के सुपुत्र मोहम्मद शाहिद रफी अपनी ख़ास प्रस्तुति देंगे|

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