जन्मदिन विशेष: ऐसा रहा डॉ.मनमोहन सिंह का राजनीतिक सफर

0

देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहनसिंह का आज जन्मदिन है। डॉ. मनमोहनसिंह का जन्म 26 सितंबर 1932  को गाह पाकिस्तान में हुआ था। डॉ.मनमोहनसिंह राजनीति में आने से पहले सरकारी नौकरी करते थे। मनमोहनसिंह बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार थे। वे हमेशा अपनी क्लास में टॉपर रहे। मनमोहनसिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेताओं ने मनमोहनसिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर पूर्व पीएम डॉ. मनमोहनसिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनकी लंबी आयु की कामना की।

पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी डॉ. मनमोहनसिंह को जन्मदिन की बधाई दी है।

डॉ.मनमोहनसिंह पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्राध्यापक भी रहे।  डॉ.मनमोहनसिंह 1971 में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार रहे। इसके बाद 1972 में वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे। इसके साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे हैं।

मनमोहन संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन सचिवालय में सलाहकार भी रहे और 1987 तथा 1990 में जेनेवा में साउथ कमीशन में सचिव भी रहे। पीवी नरसिंहराव ने प्रधानमंत्री बनने पर मनमोहन को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। डॉ.मनमोहन ने 1996 तक बतौर वित्तमंत्री अपना कार्यकाल पूरा किया। वर्ष 2007 में बतौर प्रधानमंत्री रहते हुए, वित्तमंत्री पी.चिदंबरम के साथ मिलकर कई ऐसे फैसले लिए जिससे देश का जीडीपी 9 प्रतिशत तक गया। मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। अपने दस साल के कार्यकाल के दौरान मनमोहन पर कई आरोप लगे। उनकी चुप्पी पर कई सवाल उठे, लेकिन उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी विशेषता रही।

डॉ. मनमोहनसिंह की बड़ी उपलब्धियां

शिक्षा का अधिकार

शिक्षा का अधिकार पूर्व पीएम मनमोहनसिंह की देन है। मनमोहनसिंह के कार्यकाल में राइट टु एजुकेशन यानी शिक्षा का अधिकार अस्तित्व में आया। इसके तहत 6 से 14 आयु के बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया गया। इस उम्र के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा दी जाएगी।

भारत-अमरीका न्यूक्लियर डील

भारत-अमरीका के बीच न्यूक्लियर डील पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। वर्ष 2005 में इस डील के साथ भारत न्यूक्लियर हथियारों के मामले में एक ताकतवर देश बनकर उभरा। उस दौरान अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश थे। इस डील पर यह सहमति बनी थी कि भारत अपनी इकोनॉमी की बेहतरी के लिए सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी पर कार्य करता रहेगा।

रोजगार गारंटी योजना

देश में जब बेरोजगारी बढ़ती जा रही थी, तब वह रोज़गार गारंटी योजना लेकर आए। इस योजना में सौ दिन का रोज़गार और 100 रुपए न्यूनतम दैनिक मजदूरी तय की गई। इससे पूर्व इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम कहा जाता था। 2 अक्टूबर 2009 में इसका फिर से नामकरण हुआ। इस योजना में पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से रोजगार देने की बात कही गई थी। अगर सरकार इस योजना के तहत काम नहीं देती है तो बदले मे बेरोज़गारी भत्ता देने की योजना शुरू हुई।

आधार कार्ड योजना

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण वर्ष 2009 में मनमोहनसिंह के समय गठित किया गया। आधार योजना की तारीफ यूएन ने भी की थी। देश के हर व्यक्ति को पहचान देने और प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाएं उस तक पहुंचाने के लिए इसे शुरू किया था। आज मोदी सरकार ने भी आधार यूनिक नंबर को विभिन्न कार्यों में अनिवार्य कर दिया है।

डॉ. मनमोहनसिंह सरकार में हुए घोटाले 

– सत्यम घोटाला

– 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला

– मधु कोडा, लौन्डरिंग मनी

– नरेगा घोटाला

– राष्ट्रमंडल खेल घोटाला

– आदर्श घोटाला

– कोयला घोटाला

मोदी सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया फेल

Share.