विदेशियों को भारत आने के लिए देना होगा ब्योरा, क्या होगी बाल सुरक्षा?

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हाल ही में एक नया नियम बनाया गया है, इसके लिए अहम बदलाव भी किए जाने लगे हैं| अब यदि किसी विदेशी नागरिक को भारत आना है तो उसे पहले सारे अपराधों की सूची पेश करनी होगी| इसे लेकर नियमों में बदलाव भी किए जा चुके हैं| इस बारे में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी की पहल के बाद यह निर्णय लिया गया, लेकिन क्या सच में यह नियम बाल अपराधों में कमी लाएंगे?

हर विदेशी सैलानी नहीं होता!

भारत आने वाला हर विदेशी सैलानी बनकर नहीं आता है| कुछ ऐसे भी होते हैं, जो हिन्दुस्तान घूमने के लिए नहीं बल्कि हैवानियत की ऐसी सोच को लेकर आते हैं, जो क्रूरता की पराकाष्ठा है| बाल अपराध या यूं कहें कि अबोध बच्चों को शारीरिक यातना देने के इरादे से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है| कुछ तो ऐसे होते हैं, जो विश्व में सिर्फ अपनी इसी राक्षसी प्रवृति को मिटाने के लिए भ्रमण करते रहते हैं| ऐसे कई मामले हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चों का यौन शोषण किया जाता है| ऐसे कई मामले भी दर्ज हैं, लेकिन आरोपी विदेशी होने के कारण कम सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन अब ऐसा और नहीं होगा| अब भारत आने वाले प्रत्येक नागरिक से पूरी जानकारी मांगी जाएगी| उनके सारे आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी के बाद ही उन्हें वीजा दिया जाएगा|

इस बारे में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने अपनी ख़ुशी जाहिर की, जब उनकी यह मांग मान ली गई| उन्होंने ट्वीट किया,  उन्हें यह सूचित करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि बच्चों के यौन शोषण की रोकथाम के संदर्भ में वीजा आवेदकों और विदेशी नागरिकों के वीजा एप्लीकेशन फॉर्म में आवेदनकर्ता के क्रिमिनल रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी देनी ज़रूरी होगी| उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि भारत आने के लिए विदेशी नागरिकों को वीजा आवेदन-पत्र में क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी देने के लिए उचित प्रश्नावली एवं घोषणा का कॉलम भरना होगा, इस कॉलम को जल्द ही वीजा आवेदन में शामिल कर लिया जाएगा|

इस बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ख़ुशी जाहिर की| सभी लोग यह उम्मीद जता रहे हैं कि इस नए नियम के बाद बाल अपराधों में कमी हो जाएगी| पहले ऐसे कई मामले सामने आये थे जिसमें विदेशियों ने भारतीय मासूम बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाया| एक सामाजिक कार्यकर्ता ने शिकायत की थी कि बेल्जियम में बाल यौन शोषण के मामलों में शामिल जोसेफ आर्केनजेल अपने देश से भागकर कन्नूर में फुटबॉल कोच बन गया| इसके अलावा  ब्रिटिश नागरिक पौल मीकिन को 2012 में बंगलूरू के एक स्कूल में प्रधानाचार्य रहते हुए बाल अपराधों के लिए दोषी पाया था, जो बाद में नकली पासपोर्ट के जरिए कुवैत फरार हो गया था| ऐसे ही कई और मामले सामने आने के बाद भी हमारे देश में विदेशियों को दूसरा मौक़ा दे दिया जाता था|

देश के हैवानों का क्या?

सरकार ने वीजा नियमों में बदलाव करके देश के बाहर रह रहे शैतानों के लिए तो भारत के दरवाजे बंद कर दिए, लेकिन जो भारत में रह रहे हैं उनका क्या? माना की यह कदम जो सरकार ने उठाया है वह सरहानीय है लेकिन अब ऐसी ही सख्ती देश में भी दिखाने ज़रूरत है|

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