बोफोर्स से भी ज्यादा खतरनाक रफाल

0

रफाल सौदे ने हमारी सरकार को अब काफ़ी मुसीबत में फंसा दिया है। यह तो बोफोर्स से भी ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है। राजीव गांधी बोफोर्स के मामले को अंत तक छिपाते चले गए क्योंकि उसके ज्यादातर दलाल विदेशी थे, लेकिन रफाल सौदा इसलिए भयंकर सिद्ध हो रहा है क्योंकि इसमें 30 हजार करोड़ रुपए खाने वाले एक भारतीय दलाल का नाम जमकर उछल रहा है।

संघ करे सामाजिक क्रांति

पिछले पांच-छह सप्ताह में अंग्रेजी अखबार ‘हिन्दू’ ने जिन दस्तावेजों के आधार पर यह सिद्ध किया है कि रफाल सौदे में मोदी सरकार ने बड़ी-बड़ी धांधलियां की है| उन दस्तावेजों के बारे में सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा है कि ये सब दस्तावेज ‘गोपनीय’ थे इसलिए अदालत इन पर ध्यान न दे और सरकार ‘हिन्दू’ अखबार और ‘एएनआई’ न्यूज एजेंसी पर मुकदमा चलाएगी।

अदालत ने सरकार के इस दावे को कूड़े की टोकरी के हवाले कर दिया है और कहा है कि यदि उन दस्तावेजों में सच्चाई है तो कोर्ट उन्हें स्वीकार करेगी। यह मोदी सरकार के मुंह पर अदालत का तमाचा है। बाद में अदालत का फैसला जो भी आए, इस समय उसके इस रवैये ने सरकार की दाल पतली कर दी है।

मोदी सरकार की लकवाग्रस्त स्थिति

पुलवामा कांड के बाद आतंकी शिविरों पर हमले से सरकार को जो थोड़ी-सी बढ़त मिली थी, वह अब सांसत में पड़ गई है। विदेशी एजेंसियों द्वारा प्रसारित बालाकोट के चित्रों से भी प्रचार मंत्री के दांव-पेंच ढीले पड़ गए हैं। अब सरकार यदि गोपनीयता अधिनियम आदि की आड़ लेकर मीडिया के पीछे पड़ेगी तो करोड़ों मतदाताओं की सहानुभूति खो देगी और राजीव गांधी की सरकार की तरह सारी दुनिया में बदनाम हो जाएगी। ‘गोपनीय दस्तावेजों’ का गायब हो जाना ही सरकार की पोलपट्टी का प्रमाण है।

जब ‘हिन्दू’ ने पहले दिन इन दस्तावेजों के आधार पर खबर छापी थी, तब से अब तक यह सरकार क्या खर्राटे खींच रही थी? इन दस्तावेजों पर आपत्ति करके सरकार ने इन्हें प्रामाणिक सिद्ध कर दिया है। अब बेहतर तो यह होगा कि अदालत और जनता के सामने सरकार सारी सच्चाई साफ-साफ रख दे और वे यदि यह महसूस करें कि यह रफाल-सौदा रद्द करने लायक है तो इसे वह रद्द कर दे।

गुमराह पत्रकार नसीहत लें

-वेदप्रताप वैदिक

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हैं)

रहें हर खबर से अपडेट, ‘टैलेंटेड इंडिया’ के साथ| आपको यहां मिलेंगी सभी विषयों की खबरें, सबसे पहले| अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए आज ही डाउनलोड करें Download Hindi News App और रहें अपडेट| ‘टैलेंटेड इंडिया’ की ख़बरों को फेसबुक पर पाने के लिए पेज लाइक करें – Talented India News

Share.