दिनशॉ मानेकजी पेटिट ने की थी भारत में कपड़ा मिलों की शुरुआत

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दिनशॉ मानेकजी पेटिट, (Dinshaw Manekji Petit) जिनका नाम बहुत कम लोगों ने सुना होगा, परन्तु इनका आधुनिक भारत के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान है | दरअसल, पहले भारत में बुनकर हथकरघों पर कपड़ा बनाते थे | दिनशॉ मानेकजी पेटिट वे शख्स हैं, जिन्होंने भारत में कपड़ा मिलों की शुरुआत (Founder of textile mills in India) की| आज आप जो स्टाइलिश कपड़े पहन रहे हैं, उनकी नींव इन्होंने ही रखी थी |

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दिनशॉ मानेकजी पेटिट (Dinshaw Manekji Petit) का जन्म 30 जून 1823 को बॉम्बे (ब्रिटिश भारत) में हुआ था। पेटिट उपनाम परंपरागत रूप से पारसी नहीं है| 18वीं शताब्दी में जब सर दिनशॉ के परदादा भारत आए थे तब उन्होंने यह उपनाम अपनाया था| सर दिनशॉ ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए शिपिंग क्लर्क और इंटरप्रेटर (Founder of textile mills in India) के रूप में काम किया था।

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1886 में, वे गवर्नर-जनरल की विधान परिषद के सदस्य बने, जहाँ परिषद के गैर-आधिकारिक नामिती होने के बावजूद औपनिवेशिक भूमिका निभाने के लिए उनकी आलोचना की गई। उन्होंने अपने धन को परोपकार के लिए समर्पित किया | उन्हें साल 1887 में नाइटहुड की उपाधि से नवाजा गया|

तकनीकी शिक्षा की उन्नति के लिए सर डीएम पेटिट (Dinshaw Manekji Petit) ने मुंबई के बायकुला  में स्थापित प्रसिद्ध विक्टोरिया जुबली टेक्निकल इंस्टीट्यूट (VJTI)  के निर्माण लिए 3 लाख रुपए दान किए थे| 1923 में संस्थान को माटुंगा, बॉम्बे में अपने वर्तमान स्थान पर स्थानांतरित कर दिया।

अमेरिकी गृहयुद्ध के समय जब बॉम्बे में अटकलों का दौर जारी था, उस समय कपड़ा निर्माण (Founder of textile mills in India) के क्षेत्र में एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए उन्होंने यूरोपीय फर्मों के ब्रोकर (Dinshaw Manekji Petit) के रूप में कार्य किया था| उन्होंने मानेकजी पेटिट स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स की स्थापना की थी।

सर दिनशॉ मानेकजी पेटिट (Dinshaw Manekji Petit) की शादी सनाया से हुई थी| उनकी पोती रतनबाई पेटिट पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की पत्नी थीं। पेटिट की परपोती दीना जिन्ना ने वाडिया ग्रुप की चेयरपर्सन नेविल वाडिया से शादी की थी। 1901 को बॉम्बे में उनकी मृत्यु हो गई।

आइये उनके जीवन के घटनाक्रमों पर एक नज़र डालते हैं|

# दिनशॉ (Dinshaw Manekji Petit) ने एक ब्रोकर के तौर पर करियर की शुरुआत की, लेकिन साल 1855 में देश का पहला कपड़ा उद्योग स्थापित किया|

# उन्होंने साल 1875 में बॉम्बे मिल मालिक एसोसिएशन (Founder of textile mills in India) की स्थापना की.

# उनके नेतृत्व में मिलों (Founder of textile mills in India) की तादाद 43 से बढ़कर 82 हो गई.

# उन्हें साल 1887 में नाइटहुड की उपाधि से नवाजा गया.

# उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में काम करते हुए अस्पताल (इंसान और जानवर), महिलाओं के लिए कॉलेज , अनाथालय और विधवाओं के लिए घर भी बनवाए|

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