केजरीवाल की बेजोड़ पहल

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दिल्ली की केजरीवाल सरकार आजकल कुछ ऐसा कर दिखाने पर तुल पड़ी है, जैसा कि आज तक दुनिया की किसी भी सरकार ने करके नहीं दिखाया है। वह दिल्ली के नागरिकों को 40 प्रकार की सरकारी सेवाएं घर बैठे प्रदान करेगी। जैसे मोटरचालन लाइसेंस, विवाह के प्रमाण-पत्र आदि। इन छोटे-मोटे कामों के लिए नागरिकों को 8-8 या 10-10 घंटे लाइनों में लगे रहना पड़ता है और जब तक वे कर्मचारियों को रिश्वत न खिलाएं, उनका काम होता ही नहीं है। यह परेशानी दिल्ली में ही नहीं, भारत के हर गांव और शहर में है। नागरिक क्या करें ? कहां जाएं ?

नेताओं के पास इतना वक्त नहीं कि इस तरह की शिकायतों के लिए वे अपना वक्त खराब करें। और फिर हमारे नेता तो सरकारी अफसरों से भी बड़े रिश्वतखोर हैं। ऐसे कामों में कितनी रिश्वत मिलती है ? हजार-पांच सौ रु.। नेता की रिश्वत तो लाखों से शुरु होती है।

2014 में ऐसा लगता था कि देश में नया दौर शुरु होनेवाला है लेकिन हमारे नेताओं ने पिछले चार साल बंडियां बदल-बदलकर बंडल मारने में गवां दिए। अब ‘आप’ पार्टी की सरकार ने यह जबरदस्त कदम उठाया है, जिसका अनुकरण केंद्र के साथ-साथ सभी राज्य सरकारों को भी करना चाहिए। ‘आप’ सरकार का यह काम तभी सफल होगा जबकि रोज़ आने वाले हजारों फोन-संदेशों पर तुरंत कार्रवाई हो। जब तक दो-तीन हजार लोग इस काम पर नहीं लगाए जाएंगे, इसका सफल होना मुश्किल है।

पहले दिन ही 21000 कॉल आ गए। हर दस्तावेज नागरिकों के घरों तक पहुंचाने की फीस सिर्फ 50 रु. है, जो कि बहुत कम है। इसे 100 रु. कर देने में कोई बुराई नहीं है। यदि केजरीवाल सरकार इस अभियान में सफल हो गई तो 2019 में वह दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के लिए आशा की किरण बन जाएगी।  वह नेताओं को सिखाएगी कि कोई शासक सच्चा सेवक कैसे बन सकता है ?

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हैं)

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