‘आयुष्मान भारत’ योजना का इस तरह उठा सकेंगे लाभ

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‘पहला सुख निरोगी काया’

प्राचीनकाल से हमारे ऋषि-मुनि यह उक्ति कहते आ रहे हैं | यदि आप स्वस्थ नहीं हैं तो आपके लिए धन-दौलत या अन्य सुख कोई मायने नहीं रखता है| यदि आप स्वस्थ हैं तो आप धन दौलत भी कमा सकेंगे, परिवार की उलझनें भी दूर कर सकेंगे, मित्र भी बना सकेंगे और दुनिया की हर सुख-सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे| यदि रुपया हाथ से निकल जाए तो उसे पुन: प्राप्त किया जा सकता है परंतु एक बार स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो उसे पुरानी स्थिति में लाना बहुत कठिन होता है ।

वर्तमान समय में अस्वस्थ होने पर अस्पतालों में उपचार करवाना एक दुष्कर कार्य हो गया है| अस्पतालों के महंगे बिल और दवाइयां मरीज और उसके परिजन की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमराकर रख देते हैं| मामूली सर्दी-जुकाम होने पर भी न्यूनतम 500 रूपए का खर्च होना मामूली बात है|

भाजपानीत केंद्र सरकार ने जनता को इस खर्च से बचाने के लिए ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू की है| केंद्र सरकार का दावा है कि लगभग 50 करोड़ भारतवासियों को इस योजना का लाभ मिलेगा| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी और दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत झारखंड की राजधानी रांची से की गई| ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मुहैया करवाया जाएगा।

कैसे संचालित होगी योजना

आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आप इस योजना का लाभ किस तरह उठा पाएंगे या आप इस योजना का फायदा उठाने के पात्र हैं या नहीं तो इसके लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा| इसके बाद आपको नीचे कैप्चा में दिए गए शब्दों और अंकों को खाली बॉक्स में भरना होगा।

उसके बाद ‘जेनरेट ओटीपी’ ऑप्शन पर क्लिक करने पर आपके मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा| इसे वेबसाइट पर जाकर वेरिफाई कर लें।

अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा, जिसमें आपको अपने राज्य के नाम का चयन करना होगा। इसके बाद आप अपना मोबाइल नंबर या कोई दूसरी उपलब्ध जानकारी डालकर अपना नाम ढूंढ सकते हैं।

एक बार वेबसाइट पर नाम रजिस्टर्ड हो जाने के बाद आप अपने राशन कार्ड या मोबाइल नंबर की मदद से यह पता कर सकते हैं कि आपको इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं । हालांकि वेबसाइट पर सिर्फ उन्हीं लोगों का नाम दिखाई देगा, जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर या राशन कार्ड नंबर जमा कराया था। दरअसल, हाल ही में इस योजना के लिए एक अभियान चलाया गया था, जिसमें सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना डाटाबेस के आधार पर लोगों से उनका मोबाइल नंबर और राशन कार्ड नंबर मांगा गया था।

यदि आपका नाम वेबसाइट पर नहीं दिख रहा है तो आपको डाटाबेस में अपना नाम, पिता का नाम, लिंग और राज्य का नाम अंकित करना होगा। इसके बाद सर्च करने पर आपका नाम आ जाएगा, फिर आप ‘गेट एसएमएस’ ऑप्शन पर क्लिक करें, जिसके बाद आपके पास एक मैसेज जाएगा, जिसमें आपको एक नंबर मिलेगा। उस नंबर को आप संभालकर रख लें, क्योंकि भविष्य में यह बहुत काम आएगा।

अधिक जानकारी के लिए आप ‘आयुष्मान मित्र’ से संपर्क कर उनके पास भीजरूरी दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। इसके बाद आप चेक कर सकते हैं कि आपको इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।

गौरतलब है कि 15686 अस्पतालों ने इस योजना के लिए अस्पतालों के पेनल में शामिल किए जाने के लिए आवेदन किया है| 8735 निजी और सरकारी अस्पताल इस योजना में पहले से शामिल हो चुके हैं| नेशनल हेल्थ एजेंसी ने 14 हज़ार आरोग्य मित्रों को अस्पताल में तैनात किया है|

-अंकुर उपाध्याय

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