नाम रोशन करने वाला वो बल्ला कहा है ?

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वर्ल्ड कप विलायत में चल रिया है, अने बेटिंग इंदौर में हो री है| पन एक बात है जो फिर साबित हो री है कि, धुआंधार बेटिंग से टीम और खिलाड़ी दोनों को फायदा ही होता है| टीम को फायदा देखना हो तो रोहित शर्मा की एकतरफा चार शतक देख लो अने बन्दे को फायदा देखना हो तो इंदौर के बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय (akash vijayvargiya) पर एक हफ्ते में बनी ख़बरें, वीडियो और सोशल मीडिया का बवाल देख लो |

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे वाली पहचान के साथ आकाश इंदौर में बड़ा नाम हैं, पन बल्ला थाम कर उन्होंने अपने नाम को दिल्ली तक पहुंचाया| अच्छा भी रीया| पहले गूगल करो तो आकाश की फोटो नी मिलती थी और मिले भी तो पिता जी के साथ, अने अभी देखो, नाम आधा ही लिखो ने बल्ला मारते, बयान देते, जेल से निकलते आकाश की हाई मेगा-पिकसल वाली फोटो सामने आरी है|

Video : दुश्मनों को मौका दे बैठे आकाश, परेशान कैलाश

आकाश (akash) अब नेता बनने की सही प्रोसेस में भी हैं | पिता के अनुसार अभी कच्चे हैं और नरोत्तम मिश्रा की माने तो वे आकाश को सियासत सिखाएंगे, लेकिन आकाश को रातों रात इंदौर से दिल्ली तक पहचान किसने दिलवाई ? बाताओ, बाताओ ? नी याद रीया नी ! अरे उस बल्ले को मत भूलो रे | ऐतिहासिक बल्ला है वो ! सोचो उस वक्त हथियार के रूप में बल्ला हाथ में नी आता तो आकाश का यह टैलेंट हंट ही नी होता | नेता गिरी में दब जाता | टैलेंट से याद आया नेताओं में छुपे टैलेंट के लिए भी टीवी वालों को कोई टैलेंट हंट प्रोग्राम सुरु कर देना चिये! खूब चलेगा कसम से | बात-बात में फिर बल्ले को भूल गए | फ़िलहाल वो बल्ला कहा है, कोई नहीं जानता, लेकिन वो अपना काम कर गया और जिम्मेदारी निभा कर गुमनामी के अंधेरों में खो गया |

आकाश को पता है कुछ हुआ तो नोबॉल करार देंगे!

इस देश में काम करने वालों की यही गति है, जबकि उस बल्ले को ससम्मान रखा जाना चाइये| वैसे आपको बता दूँ , बल्ला क्रिकेट खेलने के काम आता है और लकड़ी की किस्म के हिसाब से महंगा-सस्ता होता है | लोग रन बनाने के अलावा भी इसका उपयोग मारधाड़ में करते हैं | आकाश ने पहली बार नहीं किया है, उनसे पहले भी कई लोग बल्ला भांज चुके हैं, लेकिन वे आम नागरिक थे, इसलिए ख़बरों में नहीं आए | बहरहाल, एक ऐसा बल्ला, जो किसी के किरदार को मुकम्मल कर दे, साधारण नहीं हो सकता | केने का मतलब उसे म्यूजियम में रख दिया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां उसके पराक्रम को याद रखे…है के नी भीया….

क्या सीखे? ज़मानत भरोसे बेटिंग नी करना भिया !

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