share your views
share your Comments

एक चरित्र चित्रण ऐसा भी…!

0

96 views

देश में यूं तो नेताजी सबसे बढ़कर ही होते हैं, लेकिन चुनावी मौसम में उनकी तासीर कुछ यूं बदल जाती है कि अच्छे-अच्छों को भी देखकर भ्रम हो जाए| नेताओं के बारे में कुछ कहने से अच्छा है कि आप देखकर ही समझ जाएं|

Share.
18