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सरकारी स्कूलों के साढ़े 5 लाख बच्चों ने लिया भाग

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मध्यप्रदेश में इस वर्ष सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 5 लाख 40 हजार 875 विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण किया गया। अभिरुचि परीक्षण 8 हजार 152 सरकारी स्कूलों में संपन्न हुआ| विद्यार्थियों ने अभिरुचि परीक्षण के लिए 88 हजार 506 मोबाइल सेट का उपयोग किया। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 10वीं के बाद बच्चों में रुचि के अनुसार करियर बनाने के लिए अभिरुचि टेस्ट लिया है।

  • 8 हजार 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में हुआ अभिरुचि परीक्षण ।
  • 5.40 लाख बच्चों का हुआ अभिरुचि परीक्षण।
  • अभिरुचि परीक्षण का रिजल्ट 2 अप्रैल को को होगा जारी ।
  • एमपी करियर मित्र की वेबसाइट पर मिलेगा रिजल्ट।
  • जून माह में होगी बच्चों की काउंसिलिंग।

अभिरुचि परीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने ‘एमपी करियर मित्र’ एप पर एक-एक करके 140 प्रश्नों के संबंध में अपनी पसंद-नापसंद को जाहिर किया। विद्यार्थियों से पढ़ाई के अलावा 7 क्षेत्रों में उनकी रुचि का परीक्षण किया गया, जिनमें वर्दीधारी सेवा क्षेत्र, कृषि, कला, ललित-कला, आरोग्य, जीव-विज्ञान और वाणिज्य क्षेत्र शामिल हैं। विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार भविष्य की दिशा का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अभिरुचि परीक्षण(इंटरेस्ट टेस्ट) का परिणाम एमपी करियर मित्र की वेबसाइट पर विद्यार्थी 02 अप्रैल को देख सकेंगे। विभाग इसकी प्रिंटेड कॉपी भी विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाएगा।

अभिरुचि के परिणाम के बाद विद्यार्थियों का एप्टीट्यूड टेस्ट होगा। इसकी तारीख विभाग द्वारा निश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में जून माह में बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी। काउंसलिंग का कार्य विद्यार्थियों की शाला में किया जाएगा। इस दौरान माता-पिता भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्कूल शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के करियर निर्माण के संबंध में अभिरुचि परीक्षण कार्यक्रम करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पुणे के ‘श्यामची आई फाउण्डेशन’ के साथ 3 वर्ष का करार किया है। फाउण्डेशन यह कार्य सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत नि:शुल्क रूप से कर रहा है।

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